विश्व प्रसिद्ध काशी की घाटी (वनारस )वनारस का सबसे अध्भुत घाट जिसके बारे में हार हिन्दू को पता होना चिहिए?वानरसी काशी गंगा तट पर सुंदर घाट आओ जानते है ?( मृत्यो और जन्म से मुक्ति )

वनारस का सबसे अध्भुत घाट जिसके बारे में हार हिन्दू को पता होना चिहिए? 

वानरसी काशी गंगा तट पर सुंदर घाट आओ जानते है ?( मृत्यो और जन्म से मुक्ति )

हेल्लो दोस्तों तो कैसे हो आप लोग में आपको एक और ट्रैवल से जुड़े बाते बाटने आया हु भारत की मसूर जगह जहा इंसान के सरे पाप दल जाते है भारत की धार्मिक नगरी काशी में लगभग 84  घाटी है जिसमे चुनिंदा पांच पवन घाटी को पंचतीथरो के एक सूत्र में पिरोया गया है ये वो घाट 

है जो बहुत पूर्ण काल से मनुष्यो को उनके पापो से मुक्त कर ,जीवन जीने के रस्ते खोलते है इन घाटों में होती हुई मसूर नदी गंगा नदी दिव्ये स्पर्श

पाने के लिए देश और विदेश से लोग इंडिया के काशी में आते है  और यहाँ बहुत सुध हवा और भगवन की वजह से यहाँ सब पर किरपा होती है बड़े बुजुर्ग बताते है की जीवन का मोक्छ काशी में ही मिलता है यहाँ सबके पाप धुले जाते है लोग काशी में डुबकी मरने के लिए यहाँ बहुत मनो कामना करते है यहाँ माँ गंगा अपने पवित्र आँचल के साथ स्वय विराजमान है भक्तो की भड़ी मनो कामना होती है यहाँ गंगा के पानी में स्नान एवं आशीर्वाद के लिए 

विश्व प्रसिद्ध काशी की घाटी :-

काशी के पांच में से एक और प्रसिद्ध घाटी अस्सी घाटी है वनारस  घूमने आये देश विदेश के पर्यटकों के मध्ये मुख्य आकर्षक का केंद्र है अस्सी घाटी में प्रमुख हिन्दू धर्म में विशेष स्थान है यह घाट शाम के वक्त होने वाली पूजा यानि माँ गंगा आरती के लिए लोग देश विदेश से आते है और शाम को होने वाली पूजा गंगा आरती का आनद लेते देखा जाता है धर्मिक मान्यता के अनुसार इस घाट का नामकरण अस्सी नामक प्राचीन नदी का गंगा के साथ संगम के साथ हुआ कहा जाता है की इस िस्थल  पर माँ दुर्गा दुर्गाकुंड तट पर विश्राम किया था और अपनी टावर यही छोड़ दी थी जिससे यहाँ अस्सी नदी प्रकट हो गया थी इस नदी पर ज्यादा तार विदेश पर्यटक आना पसंद करते है आप ी अपनी प्राचीन देखने के लिया यहाँ आप आ सकते है कहा जाता है की यहाँ आने के बबाद इंसान शुद्ध हो जाता है।

आओ जानते है घाटों के बरे में कुछ अध्भुत बाते 

पावन तीर्थ , दशा श्वेधा  घाट :-


पांचतीर्थ के नाम से विख्यात काशी के पांच घाट में देश दशा श्वेधा घाट का पाना विशेषािस्था  है अस्सी घाटी के बाद पर्यटक इस घाट के दशन करने जरूर आते है उनका इस काशी जगह मुख्य लगती है धरम मान्यता के अनुसार राजा देवोदेश ने ने यह इस असावमेध याग करवाए थे जिसके बबाद इस घाटी का नाम दशा श्वेधा पढ़ गया था। 

 महा शमशान ,मानकाणीका  घाट :-


वनारस के साथ घाट किसी न किसी धर्मिक मान्यता व कथायें की माला जपते है वनारस एक तीर्थ स्थल से मसूर है देश विदेश से लोग यहाँ आते है पर्यटकों के मुख्य जगह है ये इस घाट पर दाह संस्कार क्र आयोजित होते है किउकी घाट भी बर्निग घाट के रूप में जाने जाता है यहाँ इस घाट पर आग लगातार 2500वर्ष के  बाद जल रही है यह मन जाता है। 

हरीश चंद्र घाट :-

 यह आघात राजा हरीश चंद्र के नाम पर है राजा हरसिंघचंद्र ने हमेशा सच बोलने का संकल्प लिया ला मानना है की जिन भक्तो यहाँ अंतिम संस्कार किआ जाता है वह मुक्त प्राप्त करते है। 

तुलसी घाट :-

यह घाट प्रसिद्ध कवि और संत तुलसीदास के नाम पर है कार्तिक (अक्टूबर ,नवम्बर ) के हिन्दू महीने में ,एक कृष्ण पूजा समारोह यह हर साल बड़ी धूम धाम से आयोजित किया जाता है 

चेटसिंह घाट :

 यह स्थान महाराजा चेट सिंह में अंग्रेजो से लड़ाई की जगह है चेट जी ने यहाँ लड़ाई की थी और विजय प्राप्त किया था। 

दरभंगा घाट :- 

महान वास्तुकला का एक जगह उद्धरण दरभंगा घाट है जी बिहार के शाही परिवार दुवरा 1990 के दशक में बनाया गया एक महल है यहाँ बिहार के तत्कालीन वित्त मंत्री नारायण मुंशी दुवरा 1912 में पुन: बनाया गया थ। 

मेन मंदिर घाट :-

जयपुर के महा राजा मान सिंह ने 1600  में इस घाट का निर्माण किया। इस घाट पर पूर्ण राजपूत वास्तुकला से बन एक महल है सवाई जयसिंह दूसरे ने 1730  में यहां एक खगोल विज्ञान  बनाई थी। 

पंचगनग घाट :-

यह जगह है जहा पांच नदियों गंगा यमुना ,सरस्वती ,किराना ,और धूतपाप का मिलना है यहाँ जगह ओरंगजेब ने बनवाया आलमगीर मस्जित  के लिए जाना जाता है यहाँ मुस्लिम लोग भी बहुत बड़ी संख्या में जाते है घूमने यहाँ स्थान मिस्लिम के लिया जाना जाना जाता है। 

राजघाट :-

इस घाट को आदि केशव घाट के रूप में में जाना जाता है क्युकी यहाँ आदि केशव विष्णु मंदिर है यहाँ माना जाता है की श्री विष्णु ने पहले बनारस में यहाँ अपने कदम डालें।  और यहाँ बहुत कामना है श्री विष्णु को ले कर और बहुत पारीषटता है अगर आप कभी बनरस जाये तो आप यहाँ जरूर जाये आपका बहुत यादगार पर रहेगा 

वनारस बस से कैसे जाये। 

जैसे की धर्मी स्थान  पर जाना होता है तो हम सब खुस हो जाते है और साथ ही अगर आप बस से वनारस जाये तो और भी मजा आने लगता है जैसे अगर आप दिल्ली से वनारस जाना है तो आपको दिल्ली के बस स्टॉप करोल बघ से डेरेक्ट वनारस जाती है आप बस वॉल्वो भी बुक कर सकते है जैसे आप के के आस पास बस की बुकिंग भी होती होगी उस से भी आप जा सकते है जिससे आप वनारस पहुंच सकते है। 

वनारस रेल मार्ग से कैसे जाये 

काशी के बढ़ते धर्मिक महत्व ने इस शहर को देश विदेश का पर्यटक का केंद्र बना दिया है इसलिए इस नगरी तक पहुंचना और भी सुविधजनक है आप रेल मार्ग डारेक्ट वनारस जा सकते है वनारस एक्सप्रेस से साम 6 ;00 बजे दिल्ली से निकली है जो आपको सुबह 4 ;45  या 5;45  तक आपको वणरस पंहुचा देगी पर आप रेल से जा रहे है तो एक दिन पहले अपने सामान और टिकट तो कंफर्म कर ले ताकि आपो कोई परशानी न हो। 

वनारस हवाई जहाज से कैसे जाये 

अगर आप वनारस जा रहे है वो भी फ्लाइट से तो आपको इंडिया की खूबसूरती देखने को मिलेगी और आप हवाई से जा रहे है तो लाल बहुदुअर शास्त्री  हवाई अड्डा से आप डोमेस्टिक फ्लाइट से वनारस जा सकते है और आप को बता दू की यहाँ जगह ज्यादा विदेश पर्यटक लोग पसंद करते है 

 इनके अलावा और भी बहुत से घाट है जो अपने में बहुत परशीदः है जैसे चेट सिंह घाट , दरभंगा घाट, मैंन  मंदिर घाट, सिंधिया घाट ,भोसले घाट ,दत्तात्र्ये घाट , पंच गंगा घाट ,राजघाट ,इनके अलावा और भी घाट है जैसे केदार घाट , नामसरोवर घाट ,मीर घाट , ललिता घाट ,आदि । तो दोस्तों आपको कोण सा घाट आपको अच्छा लगा वैसे तो सभी घाट अपने में अद्भुत है आपको सबसे अध्भुत कोण सा लग आप कमेंट में जरूर बातये की आप कब जा रहे है। 

Leave a Comment

x