Yoga in Hindi योग क्या है ?देश विदेश में भारतीय योग का प्रचलन योग करने के फायदे ?

Yoga in Hindi :-  हेलो दोस्तों में आज एक और टॉपिक के साथ आया हु जिसमे हम जानेगे की योग के फायदे क्या होते है और कोण से आसान करने से हम स्वस्थ  रहा जा सकता है और योग दिवस कब बनाया जाट और भी भोत कुछ जैसे हम जानते है की योग इंडिया का स्वस्थ  केंद्र है और आपको बाटे दे की योग इंडिया में नहीं नहीं बल्कि उन सभी देश में प्रचलन है जहां स्वस्थ  की बात होती है 

योग क्या है ?

Yoga in Hindi :- संस्कृत धातु ‘युज’ से निकला है, जिसका मतलब है व्यक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्वभौमिक चेतना या रूह से मिलन। योग, भारतीय ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है। हालांकि कई लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम ही मानते हैं, जहाँ लोग शरीर को मोडते, मरोड़ते, खींचते हैं और श्वास लेने के जटिल तरीके अपनाते हैं। यह वास्तव में केवल मनुष्य के मन और आत्मा की अनंत क्षमता का खुलासा करने वाले इस गहन विज्ञान के सबसे सतही पहलू हैं, योग का अर्थ इन सब से कहीं विशाल है । योग विज्ञान में जीवन शैली का पूर्ण सार आत्मसात किया गया है।

Yoga in Hindi :- गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर कहते हैं, “योग सिर्फ व्यायाम और आसन नहीं है। यह भावनात्मक एकीकरण और रहस्यवादी तत्व का स्पर्श लिए हुए एक आध्यात्मिक ऊंचाई है, जो आपको सभी कल्पनाओं से परे की कुछ एक झलक देता है।”

Yoga in Hindi :- योग दिवस के समय इंडोनेशिया मालदीव्स नेपाल बांग्लादेश मोरूसियस में भी बहुत प्रचलन है   जैसा की हम जाते है की हमारे प्रधान मंत्री दुवरा योग दिवस को सभी लोग अपना पूरा दिन योग करते है अंतरास्ट्रीय योग दिवस 21 जून को पुरे भारत में मनाया जाता है जैसे की हम पुरे दिनचर्य में ख़राब खाना पीना से हमरी शरीर दिन प्रतिदिन अस्वस्थ होते जा रहे है आओ चले जानते है की हमे स्वस्थ  होने के लिए कौन सा योग्ग करना चाहिए। 

योग क्या है संस्कृत धातु यूज से निकला है जिसका मतलब है व्येक्तिगत चेतना या आत्मा का सार्व भूमिका चेतना या रुहु से मिलान है योग भारत का ज्ञान की पांच हजार वर्ष पुरानी शैली है हालकि कई लोग योग कप केवल शारारिक आयाम ही मानते है जह अलग शरीर को मोड़ते मरोड़ते और खींचते है और सांस लेने के जटिल तरीके अपनाते है पर बड़े बुजुर्ग बताते थे की योगा एक रहसयमयी कला है जो परमातम से मिलता है। Yoga in Hindi

देश विदेश में भारतीय योग का प्रचलन 

Yoga in Hindi
Yoga in Hindi

अंतरास्ट्रीय योग दिवस की शुरूआत 21 जून 2015  को भारत में हुई। 

Yoga in Hindi :- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दुवारा संयुक्त के महा सभा (UNGA ) को दिए गए प्रस्ताव को पास होने पर हर साल 21 जून को मनाया जाता है। आप में मन में सवाल होगा की 21  जुंको ही क्यु मनाया  जाता है तो में आपको बता दू की जून के महीना क साल का सबसे लम्बा महीना होता है और माननीय प्रधानमंत्री दुवरा वर्ष 2018 में योग सत्र के बाद आधिकारिक ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाण पत्र पुस्तक 

किया जिसमे लिखा है की 21 जून 2018 को राजस्थान सरकार के दुवरा सबसे बड़ा लेशन ग्रहण किया जिसमे सबसे अधिक मात्रा में लोगो ने भाग लिया था। 

अष्टांग योग :-

Yoga in Hindi :- योग के इस प्रकार में योग की प्राचीन शिक्षाओ का उपयोग किया जाता है हालकि यहाँ 1970 के दशकः के दौरान सर्वधिक लोगप्रिये हुआ था अष्टांग योग मुखिये रूप से 6  मुद्रा का समावेये है जो तेजी से सांस ले की प्रकिरिया को जोड़ता है। 

बिक्रम योग :-

Yoga in Hindi :- बिक्रम योग को हॉट योग के रूप में या नाम से भी जाना जाता है इस प्रकार का योग मुखिये रूप से एक  किर्तृम रूप से गर्म कमरे में जिसमे तापमान लगभग 105 डिग्री और 40 प्रतिशत होती है इसमें कुल 26 पोज़ होते है 

हठ योग :-

Yoga in Hindi :- यहाँ किसिस भी प्रकार के योगा के लिए एक सामन्ये शब्द है जो शारारिक मुद्रा सीखता है हठ योग की कक्षा आमतौर पर मूल योग मुंद्रा के सामन्य परिचय के रूप में काम करता है 

आयगर योग :-

योग के इस प्रकार में विभिन्न प्रोपोज़ जैसे कम्बल ,तकिया ,कुर्सी और गोल लम्बे तकिया इस्यादि का प्रयोग करके सभी पोज़ का सही किया जाता है। 

Yoga in Hindi :- जीवमुक्त योग :-जीवमुक्त का अर्थ होता है जीवित रहते हुए मुक्ति यहाँ प्रकार 1984 में उभरा और अध्यापक शिक्षा और पार्था को इसमें शामिल किया गया योग का यह प्रकार खुद पोज़ पर ध्यान केन्द्रत करने के बाजयः पोज़ के बीच रफ़्तार बढ़ाने पर ध्यान केन्दित करता है। इस प्रकार के फोकस को विनय कहा जाता है कृपालु योग :-यह प्रकार अपने शरीर को जानने सुविकर करने और सिखने की शिक्षा देता है इसके बाद वक्तिगत पोज़ और अंतिम विश्राम की एक श्रखला होती है 

Yoga in Hindi
Yoga in Hindi

यिन योग :-

 Yoga in Hindi :- यहाँ शांति प्रदान करने वाला और ध्यान करने वाला योग अभ्यास है जिसे ताओवादी योग भी कहा जाता है यिन लोग प्रमुख जोड़ो में तनाव की रिहाई की अनुमति देता है जिसमे शामिल है :-* टखने * घुटने * कूल्हे * पूरी पीट* गर्दन * कधो   योग की मुंद्रा:- योग की विभिन्न मुद्रा है जो की विभिन प्रकार की है :-* कोणासन प्रथम * कोणासन दुतीये* कार्तिककृसान * हस्तसान * अधरासन * त्रिकोणसँ * वीरभद्र सन* वर्कषासन

योग के प्रकार – Types of Yoga in Hindi

हालांकि, ठीक-ठीक कहना तो मुश्किल है कि योग के प्रकार कितने हैं, लेकिन हम यहां आमतौर पर चर्चा में आने वाले प्रकारों के बारे में बता रहे हैं :

1. राज योग : Yoga in Hindi :-  योग की सबसे अंतिम अवस्था समाधि को ही राजयोग कहा गया है। इसे सभी योगों का राजा माना गया है, क्योंकि इसमें सभी प्रकार के योगों की कोई न कोई खासियत जरूर है। इसमें रोजमर्रा की जिंदगी से कुछ समय निकालकर आत्म-निरीक्षण किया जाता है। यह ऐसी साधना है, जिसे हर कोई कर सकता है। महर्षि पतंजलि ने इसका नाम अष्टांग योग रखा है और योग सूत्र में इसका विस्तार से उल्लेख किया है। उन्होंने इसके आठ प्रकार बताए हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • यम (शपथ लेना)
  • नियम (आत्म अनुशासन)
  • आसन (मुद्रा)
  • प्राणायाम (श्वास नियंत्रण)
  • प्रत्याहार (इंद्रियों का नियंत्रण)
  • धारणा (एकाग्रता)
  • ध्यान (मेडिटेशन)
  • समाधि (बंधनों से मुक्ति या परमात्मा से मिलन)

ज्ञान योग : Yoga in Hindi :- ज्ञान योग को बुद्धि का मार्ग माना गया है। यह ज्ञान और स्वयं से परिचय करने का जरिया है। इसके जरिए मन के अंधकार यानी अज्ञान को दूर किया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आत्मा की शुद्धि ज्ञान योग से ही होती है। चिंतन करते हुए शुद्ध स्वरूप को प्राप्त कर लेना ही ज्ञान योग कहलाता है। साथ ही योग के ग्रंथों का अध्ययन कर बुद्धि का विकास किया जाता है। ज्ञान योग को सबसे कठिन माना गया है। अंत में इतना ही कहा जा सकता है कि स्वयं में लुप्त अपार संभावनाओं की खोज कर ब्रह्म में लीन हो जाना है ज्ञान योग कहलाता है।

कर्म योग : Yoga in Hindi :- कर्म योग को हम इस श्लोक के माध्यम से समझते हैं। योगा कर्मो किशलयाम यानी कर्म में लीन होना। श्रीकृष्ण ने भी गीता में कहा है ‘योग: कर्मसु कौशलम्’ यानी कुशलतापूर्वक काम करना ही योग है। कर्म योग का सिद्धांत है कि हम वर्तमान में जो कुछ भी अनुभव करते हैं, वो हमारे पूर्व कर्मों पर आधारित होता है। कर्म योग के जरिए मनुष्य किसी मोह-माया में फंसे बिना सांसारिक कार्य करता जाता है और अंत में परमेश्वर में लीन हो जाता है। गृहस्थ लोगों के लिए यह योग सबसे उपयुक्त माना गया है।

भक्ति योग : Yoga in Hindi :- भक्ति का अर्थ दिव्य प्रेम और योग का अर्थ जुड़ना है। ईश्वर, सृष्टि, प्राणियों, पशु-पक्षियों आदि के प्रति प्रेम, समर्पण भाव और निष्ठा को ही भक्ति योग माना गया है। भक्ति योग किसी भी उम्र, धर्म, राष्ट्र, निर्धन व अमीर व्यक्ति कर सकता है। हर कोई किसी न किसी को अपना ईश्वर मानकर उसकी पूजा करता है, बस उसी पूजा को भक्ति योग कहा गया है। यह भक्ति निस्वार्थ भाव से की जाती है, ताकि हम अपने उद्देश्य को सुरक्षित हासिल कर सकें।

योग करने के फायदे :-

Yoga in Hindi
Yoga in Hindi

Yoga in Hindi :- योग की सुंदरताओं में से, एक खूबी यह भी है कि बुढे या युवा, स्वस्थ (फिट) या कमजोर सभी के लिए योग का शारीरिक अभ्यास लाभप्रद है और यह सभी को उन्नति की ओर ले जाता है। उम्र के साथ साथ आपकी आसन की समझ ओर अधिक परिष्कृत होती जाती है। हम बाहरी सीध और योगासन के तकनिकी (बनावट) पर काम करने बाद अन्दरूनी सुक्ष्मता पर अधिक कार्य करने लगते है और अंततः हम सिर्फ आसन में ही जा रहे होते हैं।

Yoga in Hindi :- योग हमारे लिए कभी भी अनजाना नहीं रहा है। हम यह तब से कर रहे हैं जब हम एक बच्चे थे। चाहे यह “बिल्ली खिंचाव” आसन हो जो रीढ़ को मजबूत करता है या पवन-मुक्त आसन जो पाचन को बढ़ाता है, हम हमेशा शिशुओं को पूरे दिन योग के कुछ न कुछ रूप करते पाएंगे। बहुत से लोगों के लिए योग के बहुत से मायने हो सकते हैं। वस्तुतः “योग के जरिये आपके जीवन की दिशा” तय करने में मदद करने के लिए दृढ़ संकल्प है!

 Yoga in Hindi :- योग करने के बहुत सारे फायदा होते है हमरे देश में योग को मुख्य प्रध दिया है योग करने से मन की शांत और शरीर में भी बहुत विर्धि होती है जो की बहुत अवसायक है योग के फायदा बहुत जैसे :- * आपके लचीले पन में सुधार करता है  * मस्पेसियो की ताकत बढ़ाता है आपके पोस्चर की परपूर्ण करता है  * जोड़ो को मजबूत करता है आपकी रीढ़की हड्डी की सुरक्षा करता है  * आपके रक्त प्रवाह को बढ़ाता है आपकी प्रतिरक्षा बढ़ता है  * दिल गति को नियमित रखता है  * आपके ब्लड प्रेसर को काम करता है  * आपको खुश करता है एक स्वस्थ जीवन सेली प्रदान करता है  * आपका धयान केन्दित करता है  * आपके शरीर को आराम प्रधान करता है  

  • योग को धर्म, आस्था और अंधविश्वास के दायरे में बांधना गलत है। योग विज्ञान है, जो जीवन जीने की कला है। साथ ही यह पूर्ण चिकित्सा पद्धति है। जहां धर्म हमें खूंटे से बांधता है, वहीं योग सभी तरह के बंधनों से मुक्ति का मार्ग है। – ओशो Yoga in Hindi
  • जब आप पूरे शरीर को ठीक से थामना सीख जाते हैं, तो आप पूरे ब्रह्मांड की ऊर्जा को अपने अंदर महसूस कर सकते हैं। यही योग है। – सद्गुरु जग्गी वासुदेव
  • चित्तवृत्तिनिरोध: यानी चित्त की वृत्तियों को चंचल होने से रोकना ही योग है। आसान भाषा में कहें तो मन को भटकने न देना और एक जगह स्थिर रखना ही योग है। – पतंजलि Yoga in Hindi
  • दूसरे चरण में यह मस्तिष्क व विचारों पर असर डालता है। हमारे नकारात्मक विचार ही होते हैं, जो हमें तनाव, चिंता या फिर मानसिक विकार में डाल देते हैं। योग इस चक्र से बाहर निकालने में हमारी मदद करता है।
  • योग के तीसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंचकर मनुष्य चिंताओं से मुक्त हो जाता है। योग के इस अंतिम चरण तक पहुंचने के लिए कठिन परिश्रम की जरूरत होती है। इस प्रकार योग के लाभ विभिन्न स्तर पर मिलते हैं।

योगासन के आंतरिक स्वास्थ्य लाभ –

रक्त प्रवाह : Yoga in Hindi :- जब शरीर में रक्त का संचार बेहतर होता है, तो सभी अंग बेहतर तरीके से काम करते हैं। साथ ही शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है। रक्त प्रवाह के असंतुलित होते ही शरीर कई तरह की बीमारियों का शिकार होने लगता है, जैसे – ह्रदय संबंधी रोग, खराब लिवर, मस्तिष्क का ठीक से काम न करना आदि। ऐसे में योग करने से रक्त का प्रवाह अच्छी तरह होता है। इससे सभी अंगों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं (3)।

संतुलित रक्तचाप : Yoga in Hindi :- गलत जीवनशैली के कारण कई लोगों रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे हैं। अगर आपको भी रक्तचाप से जुड़ी कोई परेशानी है, तो आज से ही किसी योग प्रशिक्षक की देखरेख में योग करना शुरू कर दें। योग का महत्व इसलिए भी है, क्योंकि प्राणायाम करने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिलती है और तंत्रिकाओं की कार्यप्रणाली बेहतर होती है। साथ ही ह्रदय गति सामान्य होती है।

बेहतर श्वसन प्रणाली : Yoga in Hindi :- श्वसन प्रणाली में आया कोई भी विकार हमें बीमार करने के लिए काफी है। ऐसे में योग हमें बताता है कि जीवन में सांस का क्या महत्व है, क्योंकि हर योगासन सांसों पर ही आधारित है। जब आप योग करते हैं, तो फेफड़े पूरी क्षमता के साथ काम करने लगते हैं, जिससे सांस लेना आसान हो जाता है।

अपच से राहत : Yoga in Hindi :- योग के लाभ में गैस से छुटकारा पाना भी है। गैस की समस्या किसी को भी हो सकती है। इसमें बच्चे, बुढ़े, महिला, पुरुष सभी शामिल हैं। यह समस्या मुख्य रूप से पाचन तंत्र के ठीक से काम न करने के कारण होती है। इसे ठीक करने के लिए योग बेहतरीन उपाय है। योग पाचन तंत्र को बेहतर करता है, जिससे कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं जड़ से खत्म हो सकती हैं।

दर्द सहने की क्षमता : Yoga in Hindi :- शरीर में कहीं भी और कभी भी दर्द हो सकता है। खासकर, जोड़ों में दर्द को सहना मुश्किल हो जाता है। वहीं, जब आप योग करते हैं, तो शुरुआत में इस दर्द को सहने की शारीरिक क्षमता बढ़ने लगती है। साथ ही नियमित अभ्यास के बाद यह दर्द कम होने लगता है।

प्रतिरोधक क्षमता : Yoga in Hindi :- बीमारियों से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता का बेहतर होना जरूरी है। प्रतिरोधक प्रणाली के कमजोर होने से शरीर विभिन्न रोग का आसानी से शिकार बन जाता है। आप चाहे स्वस्थ हैं या नहीं हैं, दोनों ही स्थिति में योग करना फायदे का सौदा साबित होगा। योग से प्रतिरोधक प्रणाली बेहतर होती है।

नई ऊर्जा : Yoga in Hindi :- जीवन को सकारात्मक तरीके से जीने और काम करने के लिए शरीर में ऊर्जा का बना रहना जरूरी है। इसमें योग आपकी मदद करता है। योग को करने से थकावट दूर होती है और शरीर नई ऊर्जा से भर जाता है।

बेहतर मेटाबॉलिज्म : Yoga in Hindi :- हमारे शरीर के लिए मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया जरूरी है। इस प्रक्रिया से ही शरीर को भोजन के जरिए ऊर्जा मिलती है, जिससे हम अपने दिनभर के काम कर पाते हैं। जब पाचन तंत्र, लिवर और किडनी अच्छी तरह काम करते हैं, तो मेटाबॉलिज्म भी ठीक से काम करता है। इस अवस्था में योग का लाभ इसलिए है, क्योंकि योग के जरिए अपच और कब्ज को ठीक कर मेटाबॉलिज्म को बेहतर किया जा सकता है।

नींद : Yoga in Hindi :- दिनभर काम करने के बाद रात को अच्छी नींद लेना जरूरी है। इससे शरीर को अगले दिन फिर से काम करने के लिए तैयार होने में मदद मिलती है। पर्याप्त नींद न लेने पर दिनभर बेचैनी, सिरदर्द, आंखों में जलन और तनाव रहता है। चेहरे पर भी रोनक नजर नहीं आती। वहीं, अगर आप नियमित योग करते हैं, तो मन शांत होता है और तनाव से छुटकारा मिलता है, जिससे रात को अच्छी नींद सोने में मदद मिलती है।

संतुलित कोलेस्ट्रॉल : Yoga in Hindi :- जैसा कि हमने पहले भी बताया था कि योग करने से शरीर में रक्त का प्रवाह बेहतर होता है। इससे नसों में रक्त का थक्के नहीं बन पाते और अतिरिक्त चर्बी भी साफ हो जाती है। यही कारण है कि कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। योग एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, जबकि एलडीएल यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को खत्म करता है। इसी के साथ संतुलित आहार लेना भी जरूरी है।

योगासन के बाहरी स्वास्थ्य लाभ

बढ़ती उम्र का असर कम : Yoga in Hindi :- कुछ लोगों के चेहरे पर समय से पहले ही बढ़ती उम्र का असर नजर आने लगता है। वहीं, अगर आप योग करते हैं, तो समय पूर्व चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों को कम किया जा सकता है। योग के जरिए शरीर में जमा विषैले पदार्थ व जीवाणु साफ हो जाते हैं और फ्री रेडिकल्स का भी सफाया हो जाता है। तनाव के कारण भी समय से पहले बुढ़ापे का असर नजर आने लगता है, लेकिन योग इस अवस्था से भी बचा सकता है।

शारीरिक क्षमता का बढ़ना : Yoga in Hindi :- गलत तरीके से उठने-बैठने और चलने-फिरने से शरीर की मुद्रा बिगड़ जाती है। इस वजह से शरीर में जगह-जगह दर्द, मांसपेशियों में विकार और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इन समस्याओं से बचने का सही तरीका योग है। नियमित रूप से योग करने से हड्डियां व मांसपेशियां मजबूत होती हैं, शरीर का आकार बेहतर होता है और शारीरिक क्षमता बेहतर होती है।

संतुलित वजन : Yoga in Hindi :- इन दिनों हर कोई मोटापे का शिकार है। इसका कारण गलत खानपान और दिनचर्या है। सबसे पहले हमारा पेट खराब होता है। पाचन तंत्र बेहतर न होना ही हर बीमारी की जड़ है। इससे निपटने का आसान और बेहतरीन तरीका योग ही है। अगर आप नियमित योग करते हैं, तो कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं दूर होती हैं और पाचन तंत्र बेहतर होता है। इससे धीरे-धीरे वजन कम होने लगता है।

Conclusion about of yoga in hindi

yoga in hindi :- इस पोस्ट को पढ़ने वाले पाठकों से हमारा अनुरोध है कि अगर आपको लगे कि आप के लिए यह पोस्ट फायदेमंद है तो हमें कमेंट बॉक्स मे कमेंट करके अवश्य बताएं और साथ हीं आपका कोई बहुमूल्य सुझाव हो तो वह भी हमें लिखें जिससे कि हम अपने कंटैंट को और भी अधिक जनउपयोगी बना सकें । yoga in hindi

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