पर्यावरण से आप क्या समझते है ?पर्यावरण के कोई चार उत्तरदायी बताइये ? पर्यवरण के चार बचाव बातये की कैसे पर्यावरण को बचाया जा सकता है ? 2021 in hindi

पर्यावरण से आप क्या समझते है ?




पर्यावरण का अर्थ है कोई वस्तु जो हमें घेरे हुए है इस अर्थ में पर्यावरण में वे सभी वस्तुए सम्मिलित है जो और हमारे जीवन या हमारी गतिविधि को किसी न किसी रूप में प्राभवित करती है पर्यावरण एक जटिल घटना वस्तु है जिसके कई रूप होते है जैसे भौतिक पर्यावरण ,प्रदिशास्त्रीय पर्यावरण , सामाजिक पर्यावरण एवं अपार सामाजिक पर्यावरण। 

पर्यावरण में सब परिस्थिति शामिल है जो प्रकृति ने मानव को ही प्रदान की है  मैकाइवर ( maclver ) के शब्दो में ” पृथ्वी का धरातल उसकी सम्पूर्ण प्राकर्तिक दशये और प्राकर्तिक साधन भूमि ,जल ,पहाड़ , मैदान ,खनिज पर्दथा , पेड़ ,पौधे ,पशु , पक्षी  ,जलवायु ,पृथ्वी ,पर लीला करने वाले तथा  मानव जीवन को प्रभावित करने वाले विधुत तथा विक्रीकरण शक्तिया सम्मिलित है। “

पर्यावरण के कोई चार उत्तरदायी बताइये ?

पश्चिमी विचारधारा :-

 पर्यावरण के प्रदूषण की वर्तमान स्थिति के लिए विचारधारा चिंतन काफी सीमा तक उत्तरदायी है पश्चिमी विश्व  के भौतिक विकासके मूल में वहा की भौतिक जीवन नज़र है पश्चिमी का ईसाई समाज धर्म की इस मान्यता के अनुसार जीवन जीता है की ईशवर ने मानव को पृथ्वी पर जो कुछ भी है उसका उपभोग करने के लिए भेजा है। 

जनसंख्या :-

 जनसंख्या अधिक होने के कारण मानव की आवश्यक वस्तु ओ – रोटी , कपडा ,और मकान की पूर्ति नहीं हो रही है और इन वस्तुओ की पूर्ति लकड़ी , लोहा , भूमि , कच्चा माल ,खाद्य , पदर्थ , जल  इत्यादि के भण्डारो से ओ सकती है यथार्थ प्राकृत का शोषण आवश्यक हो जाता है।  

वनो की कटाई :-

 वनो की निरंतर कटाई के फल स्वरुप भूमि की कठोरता काम होती जा रही है और भू की कटाई की प्रक्रिया प्रारम्भा हो से कार्य है निरन्तर वनो की कमी कार्बन डाईऑक्साड की मात्रा के बढ़ने से पर्यावरण का प्रदूषण होना सवाभाविक है। 

जल प्रदूषण :-

 जिस प्रकार वन की कटाई में प्रभाव पड़ रहा है उसी तरह जल प्रदूषण भी दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है और उसी तरह प्राकृतिक ने जल समिति बनाया है इस कारण मानव नदियों व् समुन्द्र के पानी को भिन्न भिन्न ढगोसे प्रदूषण कारण शुरू कर दिया।  कारखानों से निकलने वाले रासायनिक प्रदर्थ तथा नगरों के गन्दे पानी से नदियों का जल प्रदूषित हो रहा है जिससे दिन पर दिन जल में भी तरह तरह के प्रदूषित होता जा रहा है 

अब तक हमाने ये पढ़ा की पर्यवरण क्या होता है और ये किस तरह दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है अब हम बात करेंगे की इसे कैसे रोका जा सकता है 

पर्यवरण के चार बचाव बातये की कैसे पर्यावरण को बचाया जा सकता है ?
समग्र  चिंतन की आवश्यकता :-
 पश्चिमी जगत के भौतिक चिंतन में इस बात पर बल दिया है की इस पृथ्वी पर व प्राकृतिक में जो कुछ भी है वहा मानव के उपभोग के लिए है अंत: आवश्यकता मानव की सोच को बदलने की है इसके लिए भारत का समग्र चिंतनन ( Holistic Or Integrated Thinking Of India ) एक महत्वपूर्ण उपाए है। 
जनसख्या पर विचार :-
 विश्व की जनसख्या बड़ी तेजी से बढ़ रही है और आज की सात अरब की जनसख्या 2050 में नौ अरब से अधिक हो जाएगी पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जनसख्या को नियंत्रित करना होना बहुत ही अवश्यक है नहीं दिन हर बच्चे और मरने की संख्या में कमी तो बढ़ोतरी होती जाएगी और उसकी पूर्ति करने के किये हमें पर्यावरण की जरुरत पड़ेगी जैसे स्कूल में कॉपी ( नोटबुक) के लिए हर साल अरब पेड़ो का इस्तेमाल  किया जाता है और कटाई की जाती  है 
वनो की अधिक मात्रा में कटाई :- 
पर्यायवरण को प्रदूषण होने से बचाव के लिए तथा देश के संतुलित विकास के लिए यहाँ आवश्यक  है की वनो की रक्षा की जाये वनो की अधदुधा कटाई को रोकना बहुत आवश्यक है नहीं तो वो वक्त भी बहुत जल्दी आएगा जब लोग पेड़ो को देखने के लिए तरसेंगे।  जैसे आप ने कही सोचा है की जब हमरे पापा के जमने में कुआ हुआ करता था फिर उसके बाद कुआ बढ़ उसके पर हैंडपंप हुआ करता था फिर उससे भी बंद करवा दिया गया फिर उसके बाद अब अब के समय में बोतल में पानी मिलता है वो भी 20 रूपये की 1 लीटर तो सोच 1 लीटर बोतल की कीमत 20 रूपये आज के समय में बहुत काम लोग होंगे जिन्होंने कुआ देखा होगा। 
अनपढ़ता :-
हमारे देश में बहुत मात्रा में अनपढ़ता है और गरीबी है जिससे लोग पढ़ाई नहीं कर पाते जिससे अनपढो की संख्या बढ़ती जा रही है जिससे वो उलटा काम करते है उन्हें ये ये पता नहीं होता है जो वो काम कर रहे है उसका अंजाम क्या होगा कई लोग तो गांव में पेड़ो की कटाई कर के उससे व्यपार करते है जिससे कुछ पैसे कामने के चक्कर में पेड़ की कटीई बहुत मात्रा होती है जिससे पर्यावरण में बहुत बुरा आसार पड़ता है 
दिल्ली के प्रदूषण :- 




पहले दिल्ली में प्रदूषण नहीं होता था पर जब से दिल्ली में आबादी बड़ी है तब से दिल्ली में बहुत बड़ी मात्रा में प्रदूषण होता है और भारत में सबसे ज्यादा व्हीकल उत्तरप्रदेश के बाद दिल्ली में चलाई जाती है जिससे गाड़ी से निकलने वाले जेहराली धुआँ से बहुत बड़ी मात्रा में प्रदूषण होता है और सर्वे के हिसाब से हर साल दिल्ली में प्रदूषण के कारण दिल्ली की हवा में हर साल बढ़ोतरी होती आ रही है  अगर इससे कण्ट्रोल नहीं किया था दिल्ली के वासी को जल्द ही दिल्ली छोड़ने पर मजबूर हो जाएगी और दिल्ली में रहने वाले लोग सर्दी में 20 सिगरेट पीते है प्रदूषण के कारण इतना होता है दिल्ली का प्रदूषण इस पर सरकार हर साल दिल्ली में पानी का छिड़काव किया जाता है जिससे दिल्ली में  प्रदूषण काम हो सके तो अगर हमसे एक एक लोग भी एक पेड़ लगते है तो दिल्ली फिर से खुशाल हो सकेगी हमें दिल्ली के लिए एक कदम उठना होगा 
आओ हम भी दिल्ली में एक कदम प्रदूषण की और भाग लेते है हमें कमेंट में बताओ की आप भी हमरे साथ हो हम सब दिल्ली के सरकार तक आप की आवाज़ पहुँचाएगे। 

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