MSP क्या है ?कृषि और किसान को हल कैसे मिलेगा ?किसान आंदोलन पर आखिर इतना बड़ा मुदा क्यों है

MSP क्या है ?कृषि और किसान को हल कैसे मिलेगा ?किसान आंदोलन पर आखिर इतना बड़ा मुदा क्यों है ?


दोस्तों किसान आंदोलन अभी से नहीं चल रही है जब से भारत को स्वतंत्रता मिली है तब से राजनितिक में बड़ा मुद्दा बना हुआ है किसान का भला जब सोचा जाता है जब चुनाव हो  सभी सरकार वादा करती आई है लेकिन पूरा आज तक नहीं किया गया तो दोस्तों हम आपको एक विस्तार से से बताएगे और आप को एक नॉलिज मिलेगी ताकि समझ आएगा की गलत कौन है सरकार या किसान तो आप अपना थोड़ा समय अपने नॉलिज के लिए तो दे ही सकते है तो शुरू करते है पहले जानते है की 

किसान आंदोलन क्या है और ये कब से चल रहा है ?

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से ही ये बड़ा मुद्दा बना हुआ है स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत सरकार ने तय किया है की उसे कृषिको की और विशेष ध्यान देना चाहिए क्युकी भारत भारत एक कृषि प्रधान देश है भारत सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाये फिर भी कृषको ने कई आंदोलन किये जिनके वर्णन हम आज भी देखते आ रहे है सरकार को लगता ही की वह कृषि के लिए अच्छा कर रही है पर वह किसान पर बहुत बुरा असर पड़ता है स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से किसान की   समस्या बढ़ती आयी है और इसी की वजह से समस्या वैसी ही बनी हुई है जैसे की ब्रिटिश काल में थी इससे जाहिर होता है  स्वतंत्रतासे पूर्व और  स्वतंत्रताके बाद किये गए सभी किसान आंदोलन असफल रहे है अपनी सफलता के कारण किसान को न्याय नहीं देला सके और किसान आंदोलनों की असफलता के महत्व पूर्ण कारण है 

—— किसान आंदोलन के अच्छे संगठन की कमी 

—— किसानो में अनपढ़ता 

——अन्धविसवास 

—— आसन्न स्थिति

—– किसान में एकजुटता और 

आसानी से हर मन जाना सरकार ये बहुत अच्छे से काम करती है की वह अपना बिल पास ही कराये इसी लिए जब किसान आंदोलन करता है तो सरकार उसे दिन पर दिन टलती रहती है जिसके कारण यहाँ होता है की किसान को पीछे ही हटना होता है 

और भारत में किसानो को बहुत बड़ा दर्जा दिया है जो हमे आनाज प्रदान करते है आज भी  समस्या वही है अब बात आती है की सभी किसान MSP पर मांग मन क्यों नहीं रहे है तो हम जानते है की MSP आखिर है क्या क्यों हो रहा है 10 दिन किसान आंदोलन तो जानते है

MSP पर मांग मन क्यों नहीं रहे है तो हम जानते है की MSP आखिर है क्या क्यों हो रहा है 10 दिन किसान आंदोलन तो जानते है 

भारत की राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर किसान के धारण प्रदर्शन का सोमवार को पांचवा दिन हो गए है पर अभी तक हल नहीं निकला है आखिर क्यों इतने दिन तक टाल रही है सरकार 

MSP क्या है ?



किसानो के हिट की रक्षा करने के लिए देश न्यूनतम सार्थक मुल्ये MSP की व्यवस्था लागूकी गयी है अगर कभी फसलों की कीमत बाजार के हिसाब से गिर भी जाती है तब भी केंद्र सरकार तय  न्यूनतम समर्थक मूल्य पर ही किसानो से फसल  खरीदती है ताकि किसानो को नुकसान  से बचया जा सके किसी फसल की MSP पुरे भारत में एक ही होती है भारत सरकार कृषि मंत्रालय ,कृषि लगत और मूल्य आयोग (CACP) की के आधार पर MSP  तय करता है  इसके तहत अभी 23 फसलों की खरीद की जा रही है 

इन 23 फसलों में धन ,गेहू ,ज्वार,बाजरा ,मक्का ,मुंग फली,सोयाबीन ,तिलऔर कपास जैसे फसल शामिल है 
एक अनुमान के अनुसार देश में केवल 6 फीसदी किसानो को MSP  मिलता है जिनमे से सबसे ज्यादा किसान पंजाब ,हरयाणा ,के है इस वजह से नए बिल का विरोध भी इन इलाको में ज्यादा हो रह है 

 कृषि और किसान को हल कैसे मिलेगा ?

तो दोस्तों आपको यहाँ पता चल गया की MSP क्या है अब बात करते है की इसका हल कैसे निकला जा सकता है 

अनुमान के मुताबिक भारत में 85 फीसदी छोटे किसान है किनके पास खेती के लिए पांच एकड़ से छोटी जमीन अर एस घुमन का मानना है की MSP से निचे खरीद को अपराध घोषित करने पर भी विवाद ख़तम  नहीं होता दिखा रहा है तीनो कानून को  वापस लेना ही एक मात्र रास्ता है 

फ़िलहाल कानून वापस लेने पर सरकार राजी होती नहीं दिख रही है 

लेकिन पूर्व कृषि सचिव हुसैन कहते  है की सरकार के पास एक ही रास्ता है की सरकार किसानो को डायरेक्ट सपोर्ट करे जैसे किसान सम्मन निधि में किया जा रहा है। 

और दूसरा रास्त है की किसान वह फसल उगाये जो मार्किट में ज्यादा डिमांड है ताकि किसान फ़ैन्सिल सपोर्ट मिले पर अभी ज्यादा किसान गेहू और धन में ज्यादा जोर दे रहे है तो ये भी कर कर सरकार को फैसला लेना चाहिए। 

सरकार को किसान की बात मन कर नियम में बदलाव करना चाहिए और किसान के प्रमुख नेता से मिल कर सभी तरफ की बात चित कर कर किसान की बात रख कर और सरकार की बात रख कर दोनों को नियम में बदलाव करना चाहिए अगर किसान को लगता गई  की कोई नया रूल्स उन्हें बर्बाद करते है तो किसान से मिल कर उनके निजी बात को जान कर नया नियम बनाना चाहिए 

Leave a Comment

x