the untold story of Martyr’s Day in 2021

  महात्मा गांधी की 73 वीं पुण्यतिथि

शहीद दिवस 

30 जनवरी 1948 को भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी तथा महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के चलते भारत में 30 जनवरी को भी मनाया जाता है शहीद दिवस  बापू का संक्षिप्त जीवन परिचय-महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था इनकी माता का नाम पुतलीबाई था गांधी की मां पुतलीबाई अत्यधिक धार्मिक थीं। उनकी दिनचर्या घर और मंदिर में बंटी हुई थी। वह नियमित रूप से उपवास रखती थीं महात्मा गांधी एक औसत विद्यार्थी थे, हालांकि उन्होंने यदा-कदा पुरस्कार और छात्रवृत्तियां भी जीतीं। वह पढ़ाई व खेल, दोनों में ही तेज नहीं थे। बीमार पिता की सेवा करना, घरेलू कामों में मां का हाथ बंटाना और समय मिलने पर दूर तक अकेले सैर पर निकलना, उन्हें पसंद था। गांधी जी जब केवल तेरह वर्ष के थे और स्कूल में पढ़ते थे उसी वक्त पोरबंदर के एक व्यापारी की पुत्री कस्तूरबा से उनका विवाह कर दिया गया।  उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा गुजरात में ही पास थी तो उसके बाद वह 7 वर्षों के लिए दक्षिण अफ्रीका के लिए चले गए महात्मा गांधी वहां से काफी अध्ययन करने के बाद 1914 में भारत लौट आए देशवासियों ने उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें महात्मा पुकारना शुरू कर दिया। उन्होंने अगले चार वर्ष भारतीय स्थिति का अध्ययन करने तथा उन लोगों को तैयार करने में बिताए जो सत्याग्रह के द्वारा भारत में प्रचलित सामाजिक व राजनीतिक बुराइयों को हटाने में उनका साथ दे सकें। महात्‍मा गांधी ने भारतीय स्‍वतंत्रता के लिए किए जाने वाले अन्‍य अभियानों में सत्‍याग्रह और अहिंसा के विरोध जारी रखे, जैसे कि ‘असहयोग आंदोलन’, ‘नागरिक अवज्ञा आंदोलन’, ‘दांडी यात्रा’ तथा ‘भारत छोड़ो आंदोलन’। भारत के महान देशभक्त राम प्रसाद बिस्मिल ,भगत सिंह ,चंद्रशेखर आजाद तथा और कई देशभक्तों के बलिदान के चलते तथा गांधी के प्रयासों के कारण 15 अगस्त 1947 को भारत को अंग्रेजों से स्वतंत्रता प्राप्त  हुई !15 अगस्त 1947 का भारत आजाद हो गयामहात्मा गांधी अहिंसा का प्रतीक माने जाते थे

30 जनवरी 1947 को दिल्ली में शाम के 5:00 बज के 17 मिनट पर नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या कर दी  महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के चलते 30 जनवरी को भी शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है

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