मनोविज्ञान क्या है परिभाषा,अर्थ,मनोविज्ञान कितने तरह के होते है,मनोविज्ञान और शिक्षा ? Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi Psychology meaning

मनोविज्ञान क्या है ?

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- मनोविज्ञान (Psychology) वह शैक्षिक व अनुप्रयोगात्मक विद्या है जो प्राणी के मानसिक प्रक्रियाओं, अनुभवों तथा व्यक्त व अव्यक्त दाेनाें प्रकार के व्यवहाराें का एक क्रमबद्ध तथा वैज्ञानिक अध्ययन करती है। दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि मनोविज्ञान एक ऐसा विज्ञान है जो क्रमबद्ध रूप से (systematically) प्रेक्षणीय व्यवहार का अध्ययन करता है तथा प्राणी के भीतर के मानसिक एवं दैहिक प्रक्रियाओं जैसे – चिन्तन, भाव आदि तथा वातावरण की घटनाओं के साथ उनका संबंध जोड़कर अध्ययन करता है। इस परिप्रेक्ष्य में मनोविज्ञान को व्यवहार एवं मानसिक प्रक्रियाओं के अध्ययन का विज्ञान कहा गया है। ‘व्यवहार’ में मानव व्यवहार तथा पशु व्यवहार दोनों ही सम्मिलित होते हैं। Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi मानसिक प्रक्रियाओं के अन्तर्गत संवेदन (Sensation), अवधान (attention), प्रत्यक्षण (Perception), सीखना (अधिगम), स्मृति, चिन्तन आदि आते हैं।

मनोविज्ञान और शिक्षा?

व्यक्तिगत भिन्नता Individual difference- हम जानते है कि हर व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से भिन्न होता है अर्थात हर व्यक्ति का शारीरिक विकास, मानसिक विकास भिन्न-भिन्न होता है उदाहरणतः अध्यापक बच्चों को गणित में जोड़ना-घटाना सिखाता है तो ऐसे में एक बच्चा जल्दी सिख लेता है जबकि दूसरा बच्चा वही चीज को सिखने में काफी समय लगा देता है Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi अर्थात अध्यापक को यह देखना होगा कि हम किस तरह दोनों बच्चों को साथ लेकर चले।

● पाठ्यक्रम Curriculum- पाठ्यक्रम निर्माण में भी इसका अपना अहम योगदान निभाता है जो भी पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है वो बच्चों की मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर बनाया जाता है Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi अर्थात छठी कक्षा के छात्रों के लिए ना ही पांचवी कक्षा का और न ही पाचवी कक्षा के लिए छठी कक्षा का पाठ्यक्रम बनाया जाना चाहिए। दोनों छात्रों के मानसिक स्तर को ध्यान में रखकर ही पाठ्यक्रम का निर्माण किया जाना चाहिए।

● नकारात्मक और सकारात्मक पुनर्बलन Negative and positive Reinforcement- बच्चों को कब और कौन सा पुनर्बलन देना है यह बताने में भी यह अध्यापक की सहायता करता है उदाहरणतः एक बच्चा किसी समस्या को सुलझाने में असहाय सिद्ध हो रहा है तो हम उसे नकारात्मक पुनर्बलन नहीं देंगे बल्कि उसे अभिप्रेरित करेंगे क्योंकि अगर हम उस छात्र को नकारात्मक पुनर्बलन देंगे तो बच्चा अपने आप को कमजोर समझेगा और आगे चलकर यह सोच उसको अधिगम (सीखना) करने में उसके लिए समस्या उत्पन्न करेंगी। Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi

मनोविज्ञान के प्रकार कितने होते है ?

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- इस तरह से मनोविज्ञानियों का तीन प्रमुख कार्यक्षेत्र है:- शिक्षण (teaching), शोध (research) तथा उपयोग (application)। इन तीनों कार्यक्षेत्रों से सम्बन्धित मुख्य तथ्यों का वर्णन निम्नांकित है:-

शैक्षिक क्षेत्र (Academic areas)

शिक्षण तथा शोध मनोविज्ञान का एक प्रमुख तीन तरह के है है। इस दृष्टिकोण से इस क्षेत्र के तहत निम्नांकित शाखाओं में मनोविज्ञानी अपनी अभिरुचि दिखाते हैं—

  • जीवन-अवधि विकासात्मक मनोविज्ञान (Life-span development Psychology)
  • मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान (Human experimental Psychology)
  • पशु प्रयोगात्मक मनोज्ञान (Animal experimental Psychology)
  • दैहिक मनोविज्ञान (Psychological Psychology)
  • परिणात्मक मनोविज्ञान (Quantitative Psychology)
  • व्यक्तित्व मनोविज्ञान (Personality Psychology)
  • समाज मनोविज्ञान (Social Psychology)
  • शिक्षा मनोविज्ञान (Educational Psychology)
  • संज्ञात्मक मनोविज्ञान (Cognitive Psychology)
  • असामान्य मनोविज्ञान (Abnormal Psychology)

जीवन-अवधि विकासात्मक मनोविज्ञान

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- बाल मनोविज्ञान का प्रारंभिक संबंध मात्र बाल विकास के अध्ययन से था परंतु हाल के वर्षों में विकासात्मक मनोविज्ञान में किशोरावस्था, वयस्कावस्था तथा वृद्धावस्था के अध्ययन पर भी बल डाला गया है। यही कारण है कि इसे ‘जीवन अवधि विकासात्मक मनोविज्ञान’ कहा जाता है। विकासात्मक मनोविज्ञान में मनोविज्ञान मानव के लगभग प्रत्येक क्षेत्र जैसे—बुद्धि, पेशीय विकास, सांवेगिक विकास, सामाजिक विकास, खेल, भाषा विकास का अध्ययन विकासात्मक दृष्टिकोण से करते हैं। इसमें कुछ विशेष कारक जैसे—आनुवांशिकता, परिपक्वता, पारिवारिक पर्यावरण, सामाजिक-आर्थिक अन्तर का व्यवहार के विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का भी अध्ययन किया जाता है। कुल मनोविज्ञानियों का 5% मनोवैज्ञानिक विकासात्मक मनोविज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत हैं।

मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ मानव के उन सभी व्यवहारों का अध्ययन किया जाता है जिस पर प्रयोग करना सम्भव है। सैद्धान्तिक रूप से ऐसे तो मानव व्यवहार के किसी भी पहलू पर प्रयोग किया जा सकता है परंतु मनोविज्ञानी उसी पहलू पर प्रयोग करने की कोशिश करते हैं जिसे पृथक किया जा सके तथा जिसके अध्ययन की प्रक्रिया सरल हो। इस तरह से दृष्टि, श्रवण, चिन्तन, सीखना आदि जैसे व्यवहारों का प्रयोगात्मक अध्ययन काफी अधिक किया गया है। मानव प्रयोगात्मक मनोविज्ञान में उन मनोवैज्ञानिकों ने भी काफी अभिरुचि दिखलाया है जिन्हें प्रयोगात्मक मनोविज्ञान का संस्थापक कहा जाता है। इनमें विलियम वुण्ट, टिचेनर तथा वाटसन आदि के नाम अधिक मशहूर हैं।

पशु प्रयोगात्मक मनोविज्ञान

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- मनोविज्ञान का यह क्षेत्र मानव प्रयोगात्मक विज्ञान (Human experimental Psychology) के समान है। सिर्फ अन्तर इतना ही है कि यहाँ प्रयोग पशुओं जैसे:- चूहों, बिल्लियों, कुत्तों, बन्दरों, वनमानुषों आदि पर किया जाता है। पशु प्रयोगात्मक मनोविज्ञान में अधिकतर शोध सीखने की प्रक्रिया तथा व्यवहार के जैविक पहलुओं के अध्ययन में किया गया है। पशु प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के क्षेत्र में स्कीनर, गथरी, पैवलव, टॉलमैन आदि का नाम प्रमुख रूप से लिया जाता है। सच्चाई यह है कि सीखने के आधुनिक सिद्घान्त तथा मानव व्यवहार के जैविक पहलू के बारे में हम आज जो कुछ भी जानते हैं, उसका आधार पशु प्रयोगात्मक मनोविज्ञान ही है। इस मनोविज्ञान में पशुओं के व्यवहारों को समझने की कोशिश की जाती है। कुछ लोगों का मत है कि यदि मनोविज्ञान का मुख्य संबंध मानव व्यवहार के अध्ययन से है तो पशुओं के व्यवहारों का अध्ययन करना कोई अधिक तर्कसंगत बात नहीं दिखता। परंतु मनोविज्ञानियों के पास कुछ ऐसी बाध्यताएँ हैं जिनके कारण वे पशुओं के व्यवहार में अभिरुचि दिखलाते हैं। जैसे पशु व्यवहार का अध्ययन कम खर्चीला होता है। फिर कुछ ऐसे प्रयोग हैं जो मनुष्यों पर नैतिक दृष्टिकोण से करना संभव नहीं है तथा पशुओं का जीवन अवधि (life span) का लघु होना प्रमुख ऐसे कारण हैं। मानव एवं पशु प्रयोगात्मक मनोविज्ञान के क्षेत्र में कुछ मनोविज्ञानियों की संख्या का करीब 14% मनोविज्ञानी कार्यरत है।

दैहिक मनोविज्ञान

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- दैहिक मनोविज्ञान में मनोविज्ञानियों का कार्यक्षेत्र प्राणी के व्यवहारों के दैहिक निर्धारकों (Physical determinants) तथा उनके प्रभावों का अध्ययन करना है। इस तरह के दैहिक मनोविज्ञान की एक ऐसी शाखा है जो जैविक विज्ञान (biological science) से काफी जुड़ा हुआ है। इसे मनोजीवविज्ञान (Psychobiology) भी कहा जाता है। आजकल मस्तिष्कीय कार्य (brain functioning) तथा व्यवहार के संबंधों के अध्ययन में मनोवैज्ञानिकों की रुचि अधिक हो गयी है। इससे एक नयी अन्तरविषयक विशिष्टता (interdisplinary specialty) का जन्म हुआ है जिसे ‘न्यूरोविज्ञान’ (neuroscience) कहा जाता है। इसी तरह के दैहिक मनोविज्ञान हारमोन्स (hormones) का व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभावों के अध्ययन में भी अभिरुचि रखते हैं। आजकल विभिन्न तरह के औषध (drug) तथा उनका व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभावों का भी अध्ययन दैहिक मनोविज्ञान में किया जा रहा है। इससे भी एक नयी विशिष्टता (new specialty) का जन्म हुआ है, जिसे मनोफर्माकोलॉजी (Psychopharmacology) कहा जाता है तथा जिसमें विभिन्न औषधों के व्यवहारात्मक प्रभाव (behavioural effects) से लेकर तंत्रीय तथा चयापचय (metabolic) प्रक्रियाओं में होने वाले आणविक शोध (molecular research) तक का अध्ययन किया जाता है।

मनोविज्ञान का अर्थ Psychology meaning

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- मनोविज्ञान व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाओं का वैज्ञानिक अध्ययन है। व्यवहार में हमारे सभी बाहरी या ओवरट क्रिया और प्रतिक्रियाएं शामिल हैं, जैसे कि मौखिक और चेहरे के भाव और चाल। मनोविज्ञान शब्द की उत्पत्ति दो ग्रीक शब्दों “साइसी” और “लोगोस” से हुई है, “साइक” का अर्थ है “आत्मा” और “लोगो” का अर्थ है “अध्ययन”। इस प्रकार वस्तुतः मनोविज्ञान का अर्थ है “आत्मा का अध्ययन” या “आत्मा का विज्ञान” मानसिक प्रक्रियाएं हमारे मन की सभी आंतरिक और गुप्त गतिविधियों जैसे कि सोच, महसूस और याद रखने का उल्लेख करती हैं। यह एक वैज्ञानिक अध्ययन है (Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi )क्योंकि अध्ययन व्यवहार और मानसिक प्रक्रियाओं के लिए, मनोवैज्ञानिक अधिक सटीक और सटीक रूप से समझने के लिए वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करते हैं लोग मनोवैज्ञानिक, मानसिक आदि शब्दों का प्रयोग बहुत स्वतंत्र रूप से करते हैं। लेकिन इन शब्दों का उपयोग करने वाले कई लोग वैज्ञानिक अनुशासन के रूप में प्रकृति की वास्तविक समझ, कार्यक्षेत्र, तरीके और मनोविज्ञान के उपयोग से दूर हैं। कुछ लोग इसे दर्शन का एक हिस्सा मानते हैं। अन्य लोग इसे जादू से बराबरी करते हैं। कुछ इसे पागलपन के रूप में देखते हैं। फिर भी, दूसरों का मानना है कि मनोवैज्ञानिक या तो रहस्यवादी या रहस्यमय लोग हैं, मनोविज्ञान में उनकी रुचि मुख्य रूप से असंगत जिज्ञासा से उत्पन्न होती है। Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi

मनोविज्ञान की परिभाषा Definition of Psychology

” व्यक्तियों के पर्यावरणीय संबंधों एवं क्रियाओं की दर्शाने का अध्ययन हैं।”

वुडवर्थ

” व्यक्तियों के आपसी व्यवहार एवं उनके संबंधों का अध्ययन हैं।”

क्रो एवं क्रो

दोनों परिभाषाओं से यह स्पष्ट हो जाता है कि इसमें व्यक्तियों, पशु-पक्षियों के आपसी व्यवहार एवं उनकी क्रियाओं के उद्देश्य एवं लक्ष्यों को स्पष्ट कर उसका विस्तृत अध्ययन किया जाता हैं।

Psychology Facts in Hindi

  • दर्द हमे और strong बनाता है, डर हमें brave बनाता है और दिल टूटने से हम और समझदार बनते है।
  • यदि कोई गाना आपके दिमाग मे आकर अटक गया है न चाहते हुए भी बार-बार आप उसे गुनगुनाये जा रहे है तो chewgum चबाइए थोड़े है देर मे आप उसे भूल जायेंगे। Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • यदि आपकी दोस्ती सात साल( 7 years ) से ज्यादा टिकती है तो इसकी 100% चान्सेस है की यह पूरी ज़िन्दगी ऐसे ही रहेगी। Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • एक अध्ययन में पाया गया है कि आपने पार्टनर के साथ मस्ती /मजाक करना आपके रिश्ते को मजबूत बनाता है। और यह उन दोनों के बीच का मजाक एक सीमेंट की तरह काम करता हैं।(psychological facts in hindi)
  • एक दिन मे अधिकतर महिलाए 62 बार smile करती है जबकी पुरुष केवल 8 बार है स्माइल करते है।
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  • Virginia commonwealth university के एक अध्ययन के अनुसार, काम करते समय कार्यालय में एक पालतू जानवर होने से तनाव को कम करने और creativity बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
  • दुनिया मे सबसे ज्यादा ब्लैकमेल का शिकार पुरुष, महिलाओ द्वारा होते है महिलाए अपनी कोई भी बात मनवाने के लिए इमोशनली ब्लैकमेल करती है। Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • भारत मे 100 शादियों मे केवल 1 का ही डाइवोर्स होता है जो पूरी दुनिया मे सबसे कम है।
  • भारत मे 80% नौजवान लवमैरिज करने के बजाय अरेंज मैरिज करना पसंद करते है।
  • ख़ुशगवार लोगों के साथ रहने से ख़ुशी मिलती है. इसलिए लोग ख़ुश गवार लोगों के साथ रहना पसंद करते हैं.
  • दुनिया के 60% लोग अपनी नकारात्मक भावना से छुटकारा पाने के लिए संगीत सुनते हैं.
  • आपका पसंदीदा गीत इसलिए आपका पसंदीदा होता है क्योंकि आप उससे कहीं न कहीं अपने जीवन की किसी भावनात्मक घटना के साथ जुड़ा हुआ पाते हैं. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • यदि आप अपने पसंदीदा गीत का अलार्म बना लें, तो कुछ दिनों में आप उसे नापसंद करने लगेंगे.
  • जिस तरह का संगीत आप सुनते हैं, वह आपके दुनिया को देखने के नज़रिये को प्रभावित करता है.
  • Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • दुनिया के 68% लोग फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम (Phantom Vibration Syndrome) के शिकार हैं. ‘फैंटम वाइब्रेशन सिंड्रोम’ में ऐसा महसूस होता है कि हमारा मोबाइल फोन वाईब्रेट हो रहा है, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं हो रहा होता.
  • मानव व्यवहार संबंधी अध्ययनों से पता चला है कि अपना मोबाइल खो देने वाले व्यक्ति को ठीक वैसी घबराहट महसूस होती है, जो मौत के नज़दीक होने पर होती हैं. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • आज के दौर में तनाव का स्तर (Stress Level) कितना बढ़ गया है, इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाईस्कूल के बच्चों में बेचैनी का स्तर उतना ही है, जितना 1950 के दशक के आरंभ में औसत मनोरोग रोगियों में हुआ करता था.
  • रात को सोने के पहले आप जिस किसी के बारे में सोच रहे होते हैं, वह या तो आपकी ख़ुशी का कारण होता है या फिर दुःख का. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • शारीरिक रूप से थक जाने पर लोग अधिक ईमानदार हो जाते हैं. यही कारण है कि देर रात बातचीत के दौरान लोग कई बातों को कबूल कर लेते हैं.
  • जो जितना ज्यादा सोता है, वह उतना ही ज्यादा उदास रहता है.
  • जो जितने ज्यादा ठंडे कमरे में सोता है, उसके उतने ही ज्यादा डरावने सपने आने की संभावना बढ़ जाती है.
  • ज्यादा तकिये लेकर सोने वाला व्यक्ति कहीं न कहीं ख़ुद को बहुत अकेला महसूस कर रहा होता है.
  • दुनिया के 85% लोग सोने के पहले प्लान्स के बारे सोचते हैं, जो वे अपनी ज़िंदगी में करना चाहते हैं.
  • एक अध्ययन अनुसार लगभग 72% लोगों के दिमाग में रचनात्मक विचार नहाते समय आते हैं.
  • सूर्य के प्रकाश में अधिम समय बिताने वाले लोग तनाव या अवसाद के शिकार कम होते हैं.
  • व्यस्त रहने पर लोग अधिक ख़ुश रहते हैं, क्योंकि व्यस्तता उन्हें जीवन की नकारात्मक चीजों के बारे में सोचने से रोकती है. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • किसी अन्य भाषा में सोचने पर लिए गये निर्णय अधिक तर्कसंगत होते हैं.
  • अधिक हँसने वालों में दूसरों की तुलना में दर्द सहने की क्षमता अधिक होती है.
  • कॉमेडियन या मज़ाकिया किस्म के लोग अपने जीवन में दूसरों की तुलना में कहीं ज्यादा उदास होते हैं.
  • किसी को असामान्य तरीके से खाना खाते हुए देंखे, तो समझ जायें कि वो व्यक्ति किसी बात पर बहुत चिंतित है.
  • यदि कोई व्यक्ति छोटी-छोटी बात पर रो देता है, तो इसका मतलब है कि वह एक नरम दिल व्यक्ति है.
  • छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ा जाने या नाराज़ हो जाने वाले व्यक्ति से सामना हो, तो समझ जायें कि उसे आपके प्यार और साथ की ज़रूरत है. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • अकेलापन तब महसूस नहीं होता, जब आप अकेले होते हो. बल्कि तब महसूस होता है, जब कोई आपकी परवाह (care) नहीं करता. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • लोग अच्छी बातों की तुलना में बुरी बातों पर तुरंत विश्वास कर लेते हैं. किसी के बारे में अच्छी बात सुनकर लोग एक बार उस व्यक्ति से उस बारे में पूछने ज़रूर जाते है. लेकिन बुरी बातों पर तुरंत विश्वास कर लेते हैं.
  • इसी तरह लोग सच्ची बातों की तुलना में अफ़वाह पर फ़ौरन यकीन कर लेते हैं.
  • बात करते समय यदि आप किसी को अपना बैग देते हैं, तो सामने वाला व्यक्ति बिना कुछ सोचे ही आपका बैग अपने हाथ में ले लेता है. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi
  • यदि कोई व्यक्ति आपके सामने किसी की चुगली करता है, तो समझ जायें कि वह कहीं और भी आपकी चुगली अवश्य करता है. Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi

Conclusion about of Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi

Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi :- मुझे उम्मीद है की आपको यहाँ जानकारी बहुत मददगार हुआ होगा अगर आपके के कोई भी प्रश्न है तो आप कमेंट करके पूछ सकते है इस पोस्ट में हमने सीखा की Psychology in hindi और Psychology Facts in hindi में जानकारी ली है हमने आपको यहाँ जानकारी कई तरह के रिसर्च करके तैयार किया है और comment में जरूर बताये और इस पोस्ट को शेयर करे तब तक के लिए हमारे साथ जुड़े रहे।

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